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खाकी का ये चेहरा आपने पहले शायद नहीं देखा होगा, देखिए उत्तराखंड पुलिस का ये अनदेखा रूप इस विशेष रिपोर्ट में

विशेष खबर,

हरिद्वार,

पुलिस का नाम सुनते ही बदमाश तो क्या आम आदमी भी कांपने लगता है। पुलिस की छवि ही ऐसी बन गयी है की लोग उन्हें अच्छी नजरो से देखते ही नहीं है। खाकी के बारे में शायद आप भी ऐसा ही सोचते हो तो आपको भी पुलिस के बारे में अपनी राय बदलनी पड़ेगी। जी हां खाकी का इसके मानवीय चेहरा भी है और इस चेहरे के दर्शन करने है तो आ जाइये हरिद्वार जँहा आपको इन दिनों चल रहे कांवड़ मेले में पुलिस का अलग ही चेहरा नजर आएगा। जी हां पुलिस शिव भक्तों के लिए हरिद्वार में किसी देवदूत से कम साबित नही हो रही है।
हरिद्वार में गंगा में नहाते हुए शिव भक्तों के लिए हरिद्वार पुलिस की जल पुलिस इकाई, एसडीआरएफ और पीएसी किसी भगवान से कम नही है। हरिद्वार पुलिस के यह देवदूत 27 जुलाई से शुरू हुए कांवड़ मेले में अब तक करीब 100 शिव भक्त कांवड़ियों को अपनी जान की परवाह किए बगैर डूबने से बचा चुके है। खाकी वाले ये देवदूत जब अपने फर्ज को अंजाम दे रहे होते है तब यह खाकी वर्दी में नही होते।
 भक्ति का सैलाब देखना है आकर देखिए हरिद्वार में जंहा का कोना कोना इन दिनों शिव भक्तों से अटा पड़ा है। हरिद्वार में इस वक्त चल रही है कांवड़ यात्रा, यानी श्रद्धा , आस्था की यात्रा, भगवान शिव के प्रति आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। लाखों शिव भक्त कांवड़िए केसरिया बाना पहने हरिद्वार आ रहे है। हरिद्वार आ रहे कांवड़िए गंगा जल लेने आ रहे है, यंहा से गंगा जल लेकर सैकड़ो किलोमीटर की पैदल यात्रा कर अपने गंतव्य तक पंहुचेंगे और गंगा जल से करेंगे शिव का जलाभिषेक। 
हरिद्वार में इस वक्त हर तरफ शिव भक्त कांवड़िए ही नजर आ रहे है। हर गली कूँचे में बम बम भोले की जयकार है। हरकी पैड़ी सहित गंगा के तमाम घाट और किनारे शिव भक्तों से अटे पड़े है। ऐसे में जरा सी लापरवाही से कांवड़ियों की जान पर बन रही है। हरिद्वार के किसी ना किसी घाट पर रोजाना ही सुबह से रात तक कांवड़ियों के डूबने की खबर आ जाती है तो ऐसे में गंगा के घाट पर तैनात उत्तराखंड पुलिस की विशेष टीम सूचना मिलते ही तुरंत ही एक्शन में आती है और कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार डूबते हुए लोगो को बचाने में कामयाब हो जाते है। 

अब तक कितने शिव भक्तों को जीवनदान दे चुके है खाकी वाले देवदूत

हरिद्वार में 27 जुलाई को गुरु पूर्णिमा से ही श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी थी। इसके अगले ही दिन कांवड़ यात्रा शुरू हो गई। जैसे ही हरिद्वार में गंगा में तटों पर भक्तों का हुजूम उमड़ना शुरू हुआ वैसे वैसे ही श्रद्धालुओं के डूबने की खबरे आने लगी थी। 27 जुलाई से 8 अगस्त तक खाकी वाले देवदूत 100 के करीब शिव भक्तों को गंगा में डूबने से बचा चुके है।
हरिद्वार में घाटों पर जल पुलिस, पीएसी की बाढ़ राहत टीम और एसडीआरएफ की डीप डाइविंग टीम तैनात है। इनके जवान अपनी जान की परवाह किये बगैर गंगा की खतरनाक लहरों से जूझते हुए लोगो को जीवनदान दे रहे है।
हरिद्वार में एसडीआरएफ के टीम लीडर जितेंद्र जोशी कहती है कि हरिद्वार में सप्तऋषि से लेकर रुड़की तक गंगा के घाटों पर हमारी टीम तैनात रहती है। सबसे संवेदनशील डूब क्षेत्र हरकी पैड़ी एरिया में कांगड़ा घाट के उत्तर में एक टीम और दक्षिण में एक टीम तैनात रहती है। जैसे ही किसी के डूबने की सूचना मिलती है तुरंत ही दोनों टीमें एक्शन में आ जाती है और डूबते हुए को बचा लेती है। उनका कहना है कि इन दिनों गंगा में जल बहुत अधिक मात्रा में आ रहा है और जल का बहाव बहुत तेज है। इसके साथ ही गंगा जल में मिट्टी की मात्रा बहुत अधिक है जो राहत और बचाव के काम मे सबसे ज्यादा दिक्कत पैदा करती है। गंगा में जल का बहाव इतना ज्यादा तेज होता है कि मोटर बोट ऐसे में ज्यादा कारगर नही हो पाती है तो हमे तैरकर ही डूबने वाले को बचाना होता है।
उत्तराखंड पुलिस के अपर पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार कहते है कि लोगो को गंगा में डूबने से बचाने के लिए साल 2007 में हरिद्वार में जल पुलिस का गठन किया गया था। इसके बाद पीएसी की दो कंपनिया लेकर बाढ़ राहत दल बनाया गया। साल 2013 में राज्य में प्राकृतिक आपदाओं के वक्त राहत और बचाव के लिए एसडीआरएफ (SDRF) का गठन किया गया।
अशोक कुमार जी बताते है कि हरिद्वार,ऋषिकेश आदि महत्वपूर्ण और भीड़भाड़ वाले गंगा तटों पर इनको स्थायी रूप से तैनात किया हुआ है। बड़े मेलों आदि जैसे मौकों पर जल पुलिस के साथ ही पीएसी और एसडीआरएफ की टीमो की संख्या बढ़ा दी जाती है।
 एसडीआरएफ की डीप डाइविंग टीम को भी तैनात किया गया है। 
अशोक कुमार बड़े गर्व से बताते है कि उत्तराखंड में पुलिस के इस दस्ते का गठन जिन उद्देश्यों और उम्मीदों को लेकर किया गया था, यह विशेष दस्ता उससे कंही ज्यादा कामयाब रहा है। इस विशेष दस्ते ने बेहद सराहनीय और उल्लेखनीय काम किया है। उनका कहना ही कि यह विशेष दस्ता गंगा और नदियों की हर तरह की खतरनाक लहरों से जूझते हुए अपने काम को बखूबी अंजाम देता है।
खाकी में देवदूत के रूप में अपने फर्ज को अंजाम दे रहा यह विशेष दस्ता उत्तराखंड के लिए भी गर्व की बात है। हरिद्वार पुलिस के इस विशेष दस्ते को फ्रंट पेज न्यूज़ का सलाम
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