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सावधान– आसमान में छाई धुंध बिगाड़ सकती है आपकी सेहत, हार्ट अटैक तक का खतरा, गर्भवती महिलाओं और सांस के मरीजो के लिए यह है डॉक्टर की सलाह

राजकुमार, हरिद्वार

पिछले दो दिनों से आसमान में धुंध छाई हुई है। पूरा आसमान मटमैला हो रहा है। वातावरण पूरी तरह से दमघोंटू हो रहा है। आम आदमी के लिए भी ऐसे वातावरण में सांस लेना मुश्किल हो रहा है। जानकारों के अनुसार वातावरण में छाई हुई यह धुंध स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। वातावरण में छाई हुई यह धूल कई तरह के रोगों को जन्म दे सकती है। खासकर बच्चों, सांस के मरीजो और गर्भवती महिलाओं के लिए यह मौसम बेहद नुकसानदेह हो सकता है।
प्रख्यात स्त्री रोग एवं इंफर्टिलिटी विशेषज्ञ डॉ सन्ध्या शर्मा ने गर्भवती महिलाओं को पिछले  दो दिनों से आसमान में छाए मटमैले प्रदूषण से बचने की सलाह दी है।उंन्होने कहा कि इस प्रदूषित वातावरण से पुरुषों में स्पर्म और महिलाओं में अंडा बनने की क्षमता पर प्रभाव पड़ने से महिलाओं के प्रजनन पर भी असर पड़ता है। मौजूदा समय मे आसमान में उत्पन्न प्रदूषण के जहरीले तत्व सांस में घुल कर शरीर मे पहुँच रहे हैं। बीमारियों से बचने के लिए प्रदूषण से बचाव ही उपाय है। उंन्होने सलाह दी है कि ऐसे में अगर ज्यादा जरूरी ना हो तो घर से बाहर ना निकले।अगर जाना जरुरी हो तो मुंह पर मास्क लगाकर निकले।
 डॉ संध्या शर्मा ने बताया कि पिछले दो दिनों से आसमान में फैले मटमैले प्रदूषण का असर गर्भवती महिलाओं और अस्थमा से ग्रसित लोगो पर ज्यादा पड़ता है। इस दौरान गर्भवती महिलाओं में मिस कैरिज यानी गर्भपात होने की आशंका बढ़ जाती है। इसके साथ ही वातावरण में व्याप्त प्रदूषित धूल शरीर मे जाने की वजह से प्री मैच्योर डिलीवरी और बच्चे का वजन कम होने आशंका भी बढ़ जाती है इसके अलावा गर्भस्थ शिशु के मानसिक और शारीरिक विकास पर भी असर पड़ता है ।
डॉ संध्या ने बताया कि इस प्रदूषण से अस्थमा के मरीजो को सांस लेने में दिक्कत आने लगताई है और उसे खांसी बढ़ जाती है। इसके अलावा दिल के मरीजो को भी हार्ट अटैक होने का खतरा बढ़ जाता हैं । उंन्होने बताया कि इस वातावरण में हवा में ओजोन की मात्रा बढ़ने से फेफड़ो के काम करने की ताकत कम हो जाती है।  प्रदूषण का पहला असर आंखों पर पड़ता है। आंखों में जलन ,लाली जैसी दिक्कते आती हैं ।
डॉ संध्या शर्मा ने बताया की ऐसे मौसम से सावधानी बरतना बहुत जरुरी है। इस मौसम में प्रात तुलसी की करीब पांच पत्तियां का सेवन करने से सांस की नली साफ रहती है। गिलोय का जूस खाली पेट पीने से पाचन तंत्र मजबूत होता है और प्रदूषण से उत्पन होने वाली कई बीमारियों से लड़ने में मदद करता है।
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