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……और अटल राजनीति का अटल हो गया गंगा की धाराओं में विलीन, हरिद्वार में गंगा जी मे विसर्जित हुई अटल जी की अस्थियां

आज धरा का पुत्र ,गँगा में मिल मिल गया , ज्वलित हुआ नमित मन द्रवित हो हिल हिल गया ।।

हरिद्वार,

भारतीय राजनीति के अजातशत्रु पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के अस्थि पुष्प आज हरिद्वार में मोक्षदायिनी गंगा जी मे विसर्जित कर दिए गए। अटल जी का अस्थि कलश दोपहर करीब 1 बजे हर की पौड़ी पर पंहुचा जंहा अटल जी की बेटी नमिता भट्टाचार्य, पौत्री निहारिका और भांजे अनूप मिश्रा ने उनका अस्थि विसर्जन किया। अटल जी के पारिवारिक तीर्थ पुरोहित अखिलेश शास्त्री द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूरे हिन्दू विधि विधान के साथ गंगा में विसर्जन कर्म संपन्न कराया। अस्थि विसर्जन के मौके पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, देश के गृह मंत्री राजनाथ सिंह, यूपी के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखण्ड के मुख्य मंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, अटल जी के निजी सहयोगी रहे शिवकुमार सहित अनेक बड़े नेता, उत्तराखण्ड के कई मंत्री, विधायक आदि मौजूद रहे।

अटल जी का अस्थि कलश लेकर सुबह करीब सवा दस बजे अमित शाह और राजनाथ सिंह दिल्ली से जौलीग्रांट एयरपोर्ट पंहुचे जंहा उनका मुख्य मंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और यूपी के मुख्य मंत्री योगी मौजूद थे। जौलीग्रांट से अस्थि कलश लेकर एक चॉपर से सभी हरिद्वार भल्ला कॉलेज पंहुचे। भल्ला कॉलेज से 11 बजे अटल जी की अस्थिकलश यात्रा शुरू हुए तो उनकी अस्थिकलश यात्रा में मानो पूरा हरिद्वार उमड़ पड़ा। भल्ला कॉलेज से हर की पौड़ी तक सड़को के दोनों तरफ हजारो लोगो की भीड़ थी । हर कोई उत्तराखण्ड के जनक, देश की राजनीति के अजातशत्रु, अटल जी के अंतिम दर्शन करने को लालायित था, हर कोई बस एक बार अपने प्रिय नेता, जननायक की अंतिम झलक पाना चाहता था, बस उन्हें एक बार अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करना चाहता था। अटल जी के अस्थिकलश यात्रा में शामिल होने और उनके अंतिम दर्शन करने के लिए दूर दूर से लोग रात से ही हरिद्वार पंहुचानी लगे थे। जिसको जो साधन मिला वह उसी से अपने प्रिय नेता के अंतिम दर्शनों के लिए हरिद्वार पंहुचा।


भल्ला कॉलेज से हर की पौड़ी तक करीब 3 किलोमीटर लंबे सफर में आज अदभुत नजारा था। पूरे रास्ते अस्थिकलश पर लोग पुष्प वर्षा कर अपनी श्रद्धांजलि दे रहे थे। सड़को पर तो जन सैलाब उमड़ ही पड़ा था, हर की पौड़ी पर भी हजारो लोगो की भीड़ तपती दोपहर में अपने जननेता के अस्थि कलश का इंतेजार कर रही थी। हर की पौड़ी पर भी हजारो नम आंखों ने अपने अटल नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की।

हर की पौड़ी में अटल के अस्थि अवशेष गंगा में विलीन हो गए और इसी के साथ अटल जी अनंत की अपनी अटल यात्रा की और चले गए। अटल जी भले ही भौतिक रूप से अब दुनिया मे मौजूद नही है मगर अटल तो अटल है, अटल थे , अटल रहेंगे , वह मरे नही, बल्कि अटल तो हमेशा के लिए अजर अमर हो गए।

हरिद्वार की उभरती हुई युवा कवियत्री मनु शिवपुरी कुछ इस तरह से अपनी कविता के माध्यम से भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की–

आज धरा का पुत्र ,गँगा में मिल मिल गया ,
ज्वलित हुआ नमित मन द्रवित हो हिल हिल गया ।।
आज धरा का पुत्र ——–
हर लहर लहर से एक– ऐसी वेदना उठी,
आज फिर कैसी— एक ये घटना घटी
चीत्कार कर उठा– हर मन– हिल हिल गया ,
आज धरा का पुत्र ,गंगा में -मिल मिल गया।।
चमक तो रहा है सूरज ,मगर किरणे भी –बेचैन है,
कभी बदरी सी छाती, जिसको नहीं कहीं– चैन हैं,
देख लूँ -उसकी झलक- मैं, अम्बर भी विचलित हुआ ,
आज धरा का पुत्र चला ,गंगा में समाहित हुआ,
ऊँचा ललाट,तेजस्वी भाल,धनक गर्जना की आवाज,
नहीं किसी से कोई आस,बस देश प्रेम की प्यास,
उसके ही इरादे पर पोखरण हिल हिल गया,
आज सबका प्रिय अटल गंगा में मिल मिल गया
घट घट से उठी वेदना नमित हो हिल हिल गया
आज धरा का पुत्र गंगा में समाहित हुआ ,,
वन्दे मातरम।

मनु शिवपुरी की इस कविता के साथ फ्रंट पेज न्यूज़ की और से अटल जी को भावभीनी श्रद्धांजलि

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