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अगर फिर आया तूफ़ान तो कैसे बचेगी जान, आपदा प्रबंधन अधिकारी गहरी नींद में, डीएम ने जब आधी रात को की जांच तो रह गए हैरान

जिले भर के 4 दर्जन अधिकारियों व् कर्मियों से किया जवाब तलब

हरिद्वार।
उत्तर पूर्वी भारत में एक बार फिर से भारी तूफ़ान कहर बरपा सकता है. मौसम विभाग ने 6 , 7 और 8 मई को भारी तूफ़ान और बारिश आने का अंदेशा जताया है। 100 किलोमीटर से तेज हवाएं जनजीवन अस्तव्यस्त कर सकती है. ऐसे में आपदा से निपटने के लिए प्रशासन मुस्तैद होने का दावा कर रहा है मगर आपदा प्रबंधन विभागों से जुड़े प्रशासनिक अधिकारी किस कदर मुस्तैद है इसकी पोल खुद जिलाधिकारी हरिद्वार दीपक रावत ने खोल दी है। जिलाधिकारी दीपक रावत ने ख़राब मौसम की चेतावनी को देखते हुए देर रात जब व्यवस्थाओं को परखने के लिए किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया तो वे हैरान रह गए की आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी किस कदर लापरवाह है। जिलाधिकारी ने ऐसे अधिकारियों को जब आधी रात को फ़ोन किये तो 20 अधिकारियों के मोबाइल फ़ोन बंद थे जबकि 24 अधिकारियों के नम्बर आउट ऑफ़ रेंज मिले। अधिकारियों की इस कदर लापरवाही से बेहद नाराज जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को बाकायदा नोटिस भेजकर जवाब तलब किया है।



जिलाधिकारी श्री दीपक रावत देर रात 12 बजे अचानक ही अपने घर से निकले और पंहुच गए आपातकालीन परिचालन केन्द्र। मकसद था चारधाम यात्रा एवं मौसम विभाग द्वारा प्राप्त पूर्वानुमान चेतावनी को देखते हुए किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने की तैयारियों का औचक निरीक्षण करना। उन्होंने जब शुक्रवार देर रात्रि 12 बजे रोशनाबाद स्थित आपातकालीन परिचालन केन्द्र का औचक निरीक्षण किया तो जिलाधिकारी वंहा की व्यवस्थाएं देखकर हैरान रह गए। उन्होंने वहां से प्रशासनिक सुरक्षा और अधिकारियों की मुस्तैदी का आंकलन करने के लिए परिचालन केन्द्र की समस्त व्यवस्थाओं को देखने के साथ ही परिचालन केन्द्र में उपलब्ध जनपद के अधिकारियों और कर्मचारियों के दूरभाष व् मोबाईल नम्बर पर सम्पर्क स्थापित किया। किन्तु इनमें से 20 अधिकारियों और कर्मचारियों के दूरभाष व् मोबाईल स्वीच आॅफ(बंद) पाये गये, जबकि 24 अधिकारियों और कर्मचारियों के दूरभाष व् मोबाइल नम्बर नोट रिचेबल(नम्बर उपलब्ध नहीं है) पाये गये। जिलाधिकारी ने इसे गम्भीर लापरवाही मानते हुए कड़ी नाराजगी जाहिर की। डीएम ने इन अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर इन अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि वे आपदा प्रबन्धन अधिनियम की धारा-2005 की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत अपना स्पष्टीकरण देना सुनिश्चित करें, स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाये जाने पर तदानुसार कार्यवाही की जायेगी।


जिलाधिकारी ने कहा है कि जनपद प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं की दृष्टि से अति संवदेनशील है। गर्मी एवं बरसात के मौसम में जनपद में वनाग्नि, आंधी, तूफान, बाढ़ आदि प्राकृतिक आपदाएं घटित होती रहती है। वहीं जनपद में अनेक इण्डस्ट्रीज स्थापित है जहां मानवजनित दुर्घटनाओं के होने की सम्भावना रहती है। ऐसी स्थिति में अधिकारियों/कर्मचारियों के फोन एवं मोबाईल स्विच आफ पाया जाना या फिर नम्बर नोट रिचबिल पाया जाना गम्भीर विषय है। अधिकारियों/कर्मचारियों का यह व्यवहार आपदा को लेकर लापरवाही का घोतक है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने दायित्वों के प्रति गम्भीर रहने के निर्देश दिये हैं।


जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण के दौरान जिन 20 अधिकारियों और कर्मचारियों के फोन व् मोबाईल नम्बर स्विच आॅफ पाये गये उनमें संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की नरेन्द्र भण्डारी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत राजीव त्रिपाठी, सहायक सम्भागीय परिवह्न अधिकारी हरिद्वार मनीष तिवारी, अधिशासी अभियन्ता जिला पंचायत हरिद्वार पाल सिंह बिष्ट, वरिष्ठ सहायक सेवायोजन विभाग हरिद्वार मंजूला रावत, खण्ड विकास अधिकारी भगवानपुर धामीलाल, सहायक पंचायत विकास अधिकारी खानपुर सत्यनारायण रतूड़ी, सहायक भूलेख अधिकारी हरिद्वार लालित मोहन पोखरियाल, सहायक नाजिर जिला कार्यालय हरिद्वार जय कुमार त्यागी, सब रजिस्ट्रार लक्सर जेपी तिवारी, रजिस्ट्रार कानूनगो रुड़की मधुकर जैन, सहायक रेडियो अधिकारी हरिद्वार मुकेश ठाकुर, अग्निशमन अधिकारी लक्सर शिशुपाल सिंह नेगी, परियोजना अर्थशास्त्री डीआरडीए हरिद्वार आरएस मन्द्रवाल, पंचायत विकास अधिकारी बहादराबाद दिनेश काण्डपाल, वरिष्ठ सहायक पंचायती राज कार्यालय हरिद्वार नन्द किशोर वर्मा, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी राजस्व अनुभाग हरिद्वार गुरुदत त्यागी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी जिला कार्यालय हरिद्वार राजीव गर्ग, वैयक्तिक सहायक जिलाधिकारी हरिद्वार सुदेश कुमार एवं वैयक्तिक सहायक मुख्य विकास अधिकारी हरिद्वार शशि शामिल हैं।
वहीं जिन 24 अधिकारियों व् कर्मचारियों के फोन व् मोबाईल नम्बर नोट रिचेबल पाये गये उनमें टीसी पुलिस अधीक्षक नगर हरिद्वार डा0 मंजूनाथ, स्टेशन अधीक्षक रेलवे हरिद्वार महावीर सिंह, मुख्य कृषि अधिकारी हरिद्वार डाॅ0 वीके यादव, अपर उप जिलाधिकारी रुड़की प्रेमलाल, निरीक्षक कोतवाली रानीपुर एश्वर्या पाल, चकबन्दी अधिकारी रुड़की अनिल कुमार, जिला क्रीड़ा अधिकारी हरिद्वार सुनील डोभाल, जिला परियोजना अधिकारी हरिद्वार सुश्री वन्दना, जिला खाद्य ग्रामोद्योग अधिकारी हरिद्वार एसडी मासीवाल, संयुक्त निदेशक अभियोजन कार्यालय हरिद्वार खेमसिह राणा, सहायक समाज कल्याण अधिकारी हरिद्वार विनोद कुमार नैथानी, सहायक समाज कल्याण अधिकारी रुड़की सोमप्रकाश, जिला भूमि व्यवस्था सहायक हरिद्वार पंकज राजपूत, व्यैक्तिक सहायक जिलाधिकारी हरिद्वार दिनकर चन्द्र पंत, आशुलिपिक तहसील लक्सर अमित गर्ग, मुख्य राजस्व लेखाकार जिला कार्यालय हरिद्वार मनोज सिंह, रजिस्ट्रार कानूनगो रुड़की सुरेश मारवाह, रजिस्ट्रार कानूनगो (दैवीय आपदा) रुड़की सतीश कुमार, लिपिक समाज कल्याण हरिद्वार फुरकान, महिला हेल्प लाईन हरिद्वार कविता रानी, बाल विकास परियोजना अधिकारी रुड़की सुश्री जुलेखा, पूर्ति निरीक्षक कनखल हरिद्वार पूनम देवी, पूर्ति लिपिक मुख्यालय उषा पाण्डे एवं ज्येष्ठ उद्यान निरीक्षक मुख्यालय ओम प्रकाश शामिल हैं।

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