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हाथों में तिरंगा, चौड़ा सीना, और शहीद बेटे को अंतिम विदाई, बेटे की शहादत पर बोले शहीद के पिता- बेटे ने दिया शहादत का गिफ्ट, ऐसे सौ बेटे देश पर कुर्बान

ऋषिकेश,

जम्मू कश्मीर के नौशेरा सेक्टर में हुए शहीद विकास गुरुंग को आज पूरे राजकीय सम्मान के साथ गंगा के किनारे पूर्णानंद घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल व कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह भी ऋषिकेश पंहुचे।
कश्मीर के नौशेरा सेक्टर में शहीद हुए 21 साल के विकास गुरुंग का शव कल शाम ही उनके घर ऋषिकेश लाया गया था। आज सुबह विकास के घर पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए लोगो की भारी भीड़ वंहा पंहुची थी। विकास गुरुंग की शव यात्र में हजारो लोग शामिल थे। करीब 6 घंटे बाद उनकी शव यात्रा ऋषिकेश के पूर्णानंद घाट पर पंहुची जंहा पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। विकास गुरुंग बौद्ध धर्म से था इसलिए उनका अंतिम संस्कार हिन्दू रीति रिवाजों के साथ बौद्ध धर्म के रीति रिवाजों के अनुसार किया गया।
 शहीद विकास की अंतिम यात्रा में जन सैलाब उमड़ पड़ा। शहीद की अंतिम यात्रा में विकास गुरुंग अमर रहे के नारे के साथ साथ पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे भी लगे। इससे पहले शायद विकास को उसके घर पंहुच कर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
शहीद विकास गुरंग के पिता एस .एस. गुरंग ने अपने 21 साल के शहीद बेटे की चिता को मुखाग्नि दी तो लोगों की आंखों से आंसुओं का सैलाब फूट पड़ा। बौद्ध धर्म और हिंदू धर्म की संयुक्त धार्मिक क्रियाओं के साथ विकास का अंतिम संस्कार किया गया ।बौद्ध धर्म के गुरु ऋषिकेश के गंगा घाट में मौजूद थे। विकास गुरंग ऋषिकेश के युवाओं में अपने अच्छे बर्ताव के कारण बहुत लोकप्रिय था। उसके घर से विकास की शव यात्रा 6 किलोमीटर लंबा रास्ता तय कर ऋषिकेश के पूर्णानंद घाट पर पंहुची। चिलचिलाती धूप और गर्मी में वंहा पंहुचे हजारो लोगो ने भारत माता के सपूत को नम आंखों से अंतिम विदाई दी। अंतिम यात्रा मे जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर विकास को श्रद्धांजलि अर्पित की। सेना के नौजवानों ने मातमी धुन के साथ हथियार उल्टे करें और फिर हथियार सीधे करके 21 राउंड हवा में गोली चला कर विकास को सलामी दी.
                   विकास के पिता एस.एस.गुरंग ने कहा कि उनको अपने बेटे विकास पर गर्व है कि उसने देश की रक्षा के लिए सीमा पर दुश्मन से लड़ते हुए शहादत दी। उंन्होने रुंधे गले से कहा कि  विकास ने देश की रक्षा के लिए शहादत देकर उन्हें गिफ्ट दिया है और उन्हें विकास का पिता होने पर गर्व है कि एक बेटे ने देश के लिए शहादत दी। उनका दूसरा बेटा निरंजन गुरंग भी सेना की सेवा में है और वह खुद सेना से रिटायर हुए हैं। उन्होंने कहा कि अब बहुत हो चुका है। देश के नेताओं को पाकिस्तान की सेना को सबक सिखाने के लिए आर पार की लड़ाई लड़नी चाहिए। शहीद विकास के अंतिम संस्कार में उसकी मां बीना माया गुरंग उसकी बहन पूनम गुरंग हाथ में तिरंगा लिए हुए और सीने से विकास की फोटो लगाएं अंतिम संस्कार में शामिल हुए यह दृश्य देखकर लोग अपने आंसू नहीं रोक पाए।

जम्मू कश्मीर में लगातार शहीद हो रहे जवानो को लेकर लोगों में खासा आक्रोश देखने को मिला। लोगों का कहना है कि अब पाकिस्तान को सबक सिखाने का वक्त आ गया है। केंद्र सरकार को दुश्मन के खिलाफ अब आर पार की लड़ाई के आदेश देना चाहिए। साथ ही जम्मू कश्मीर के पत्थरबाजों पर कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए ताकि जवानो का मनोबल बढ़ सके।
तिरंगे में लिपटे शहीद विकास गुरुंग को देख सभी की आंखे भर आईं ।विकास ने जो बलिदान इस देश के लिए दिया है वह हमेशा के लिए इतिहास के पन्नो में दर्ज हो गया है।
 महज 21 साल की उम्र में देश के लिए अपनी जान कुर्बान करने वाले शहीद विकास गुरुंग को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है।
फ्रंट पेज न्यूज़ देश के करोड़ो लोगो के जज्बे को सलाम करते हुए सरकार से मांग करता है कि ” बस अब बहुत हो चुका अब और नही, अब तो पाकिस्तान को सबक सिखाने का वक्त आ गया है। पाकिस्तान के खिलाफ अब आर-पार की कारवाई की जाए। नेस्तनाबूत कर दिया जाए पाकिस्तान को”।
महज 21 साल की उम्र में देश के लिए अपनी जान कुर्बान करने वाले शहीद विकास गुरुंग को फ्रंट पेज न्यूज़ भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है।
फ्रंट पेज न्यूज़ देश के करोड़ो लोगो के जज्बे को सलाम करते हुए सरकार से मांग करता है कि ” बस अब बहुत हो चुका अब और नही, अब तो पाकिस्तान को सबक सिखाने का वक्त आ गया है। पाकिस्तान के खिलाफ अब आर-पार की कारवाई की जाए। नेस्तनाबूत कर दिया जाए पाकिस्तान को”।
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