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करोड़ों के निजी शिक्षण संस्थान के निवर्तमान चेयरमैन को अखाड़े ने दिखाया बाहर का रास्ता, अखाड़े के सचिव पद से भी बर्खास्त , जानिए पूरा मामला

अखाड़े ने कहा रामानंद इंस्टीट्यूट रामानंदपुरी की निजी संपत्ति नहीं।

हरिद्वार
रामानंद इंस्टिट्यूट ओर मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट की की करीब 100 करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर निरंजनी अखाड़े के संतों में जंग तेज हो गई है। निरंजनी अखाड़े ने आज अखाड़े के सचिव महंत रामानंद पुरी को सचिव पद से भी बर्खास्त कर दिया। इससे पहले उंन्होने रामानंद इंस्टिट्यूट के चैयरमेन पद से इस्तीफा दे दिया था और उन्हें अखाड़े ने मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष पद से भी हटा दिया यह। रामानंद इंस्टिट्यूट को लेकर 2 दिन पहले रामानंद पुरी ने खुद को अभी भी उसका चैयरमेन बताते हुए अखाड़े के सचिव रविन्द्रपुरी ओर अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेन्द्रगिरि पर फर्जी इस्तीफा दिखा कर हटाने का आरोप लगाया था ओर दावा किया था कि रामानंद इंस्टिट्यूट उनकी निजी संपत्ति है जिसे रविन्द्रपुरी ओर नरेन्द्रगिरि साजिश करके हड़पना चाहते है।


निरंजनी अखाड़े के महंत ओर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी ने महंत रामानंद पुरी के दावे को गलत बताया कि रामानंद इंस्टिट्यूट उनकी निजी संपत्ति है । उंन्होने कहा कि रामानंद इंस्टिट्यूट अखाड़े की संपत्ति है और अखाड़े ने ही साल 2006 में निरंजनदेव वेलफेयर सोसायटी के गठन किया था। जिसके तहत इस इंस्टिट्यूट के स्थापना की गई थी। उंन्होने कहा कि रामानंद इंस्टिट्यूट के संस्थापक सचिव महंत रविन्द्रपुरी थे, उंन्होने इस सोसाइटी के गठन इंस्टिट्यूट खोलने के लिए किया था। रविन्द्रपुरी को हाल ही में रामानंदपुरी के चेयरमैन पद से इस्तीफा देने का बाद नया चेयरमेन बनाया गया है।उंन्होने कहा कि रविन्द्रपुरी ही अब मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के भी अध्यक्ष है।


अभी कुछ दिन पहले ही रामानंद पुरी ने देहरादून में पत्रकार वार्ता कर अखाड़े पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद अखाड़े की ओर से रामनंदपुरी के सहायक ओर इंस्टिट्यूट के पूर्व डायरेक्टर दीपक कुमार, दिल्ली बवाना के पूर्व कांग्रेसी विधायक सुरेन्द्र कुमार, दीपक की पत्नी मंन्जू राव, देहरादून निवासी नीलम शर्मा, ओर पुरुषोत्तम लाल शर्मा के खिलाफ ज्वालापुर कोतवाली में फर्जीवाड़े ओर अखाड़े की संपत्ति को खुर्दबुर्द करने का आरोप लगाते हुए धारा 408 ओर 506 के तहत मुकदमा दर्ज कराया था।
महंत नरेंद्र गिरी ने बताया कि इंस्टिट्यूट का डायरेक्टर रहते हुए दीपक ने जमकर फर्जीवाड़ा किया। कई कई लाख के दर्जनों चेंको पर रामनंदपुरी के फर्जी साइन किये और बैंकों से पैसा भी निकाला। उंन्होने कहा कि कई लोगो को फर्जी चेक दिए गए थे। यही नही इंस्टिट्यूट के खातों के संचालन का अधिकार केवल रामानंद पुरी के पास था। उसके बाद भी फर्जीवाड़ा कर दीपक खुद के हस्ताक्षरों से बैंकों से पैसा निकलता था और लोगो को चेक देता था। जब इंस्टिट्यूट में दीपक को रामनंदपुरी के सामने ही अखाड़े के महंतो ने चेक दिखाए जिन पर रामानंदपुरी ओर रविन्द्रपुरी के फर्जी हस्ताक्षर थे तो रामानंदपुरी ने इन चेंको पर खुद के हस्ताक्षर होने से इनकार किया मगर दीपक फिर भी खुद को पाक साफ बताता रहा।
देखिए इस एक्सक्लूसिव वीडियो में कैसे दीपक अखाड़े के महंतो के सामने फर्जीवाड़े से मुकर रहा है,

रामानंद पुरी ने 2 दिन पहले पत्रकारों ने जब पूछा था कि साइनिंग अथॉरिटी केवल वे ही थे तो चेंको पर दीपक के हस्ताक्षर कैसे होते थे। पत्रकारों ने उन्हें दीपक के हस्ताक्षर वाले चेक भी दिखाए तो वे उन चेंको को देखकर सकते में आ गए थे। उनके पास इसका कोई जवाब नही था।
महंत रविन्द्रपुरी ने आरोप लगाया कि दीपक कुमार कुछ लोगो के साथ इंस्टिट्यूट में जमकर फर्जीवाड़ा कर रहा था। उंन्होने कहा कि दीपक ने साल 2012 से 2014 तक 3 साल की आडिट रिपोर्ट भी सचिव और चार्टर्ड अकाउंटेंट के फर्जी हस्ताक्षर ओर मोहर लगाकर तैयार कराई ओर रजिस्ट्रार को जमा की थी जबकि चार्टर्ड अकाउंटेंट ने भी इस रिपोर्ट को फर्जी बताया है।
महंत रविन्द्रपुरी ने कहा कि रामनंदपुरी को दिल्ली बवाना के पूर्व विधायक सुरेन्द्र ओर दीपक ने अपने चंगुल में फंसा रखा है और उनके दबाव में आकर ही रामनंदपुरी अखाड़े के खिलाफ बयानबाजी कर रहे है। उंन्होने कहा कि ये लोग अखाड़े की संपत्ति को खुर्दबुर्द करने की कोशिश कर रहे है और रामानंद इंस्टिट्यूट को हड़पना चाहते है। ओर ऐसी साजिश के तहत ये लोग रामानंद पुरी को दबाव में लेकर ब्लैकमेल कर रहे है। नरेंद्र गिरी ने आज रामानंद पुरी को अखाड़े के खिलाफ बयानबाजी करने के बाद अखाड़े के सचिव पद से बर्खास्त करने का भी एलान कर दिया।

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