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केंद्रीय सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी और स्वामी चिदानंद ने पहाड़ो पर हो रहे पलायन पर जताई चिंता

प्रसून जोशी ने सपरिवार ऋषिकेश में की गंगा आरती

ऋषिकेश,

हिन्दी कवि, लेखक, पटकथा लेखक, भारतीय सिनेमा के गीतकार एवं सर्वश्रेष्ठ गीतकार का फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित प्रसून जोशी सपरिवार ऋषिकेश परमार्थ निकेतन पंहुचे।
प्रसून जोशी जी ने परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज से भेंट कर आशीर्वाद लिया।
इसके बाद उन्होंने परिवार सहित मा गंगा जी की आरती और पूजा अर्चना की। उत्तराखण्ड के अल्मोड़ा में जन्में जोशी बचपन से ही प्रकृति एवं प्राकृतिक सौन्दर्य के प्रति आकर्षित रहे है।


स्वामी चिदानंद ने प्रसून जोशी जी से उत्तराखण्ड राज्य में बढ़ते पलायन के विषय में चर्चा की। उन्होने कहा कि युवाओं को पहाड़ पर ही रोजगार उपलब्ध कराया जाना चाहिये नहीं तो पलायन के दंश पहाड़ों को सुना कर देगा और धीरे-धीरे पहाड़ों की संस्कृति विलुप्त हो जायेंगी। पलायन बढ़ेगा तो पहाड़ों पर होटल संस्कृति का तेजी से विकास होगा जिससे यहां का प्राकृतिक सौन्दर्य समाप्त होने लगेगा।

प्रसून जोशी ने उत्तराखंड में पहाड़ो से हो रहे पलायन पर भी चिंता जताई। उंन्होने कहा कि पहाड़ में प्रतिभाएं भरी पड़ी है, मगर यंहा उनके लिए समुचित अवसर ना होने के कारण यहां का युवा पहाड़ो से पलायन कर रहा है। उंन्होने कहा कि उत्तराखंड की युवा प्रतिभाओं को अगर अवसर मिले तो वो न केवल बहुत आगे बढ़ सकता है बल्कि उत्तराखंड के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। उंन्होने कहा कि उत्तराखंड से पलायन रोकने के लिए यंहा पर युवाओं के लिए अवसर बनाने होंगे जिससे यंहा के युवाओं को बेहतर मंच उपलब्ध कराया जा सके।

 चर्चा के दौरान स्वामी जी महाराज ने कहा कि फिल्मों के माध्यम से उत्तराखण्ड की प्राकृतिक वादियाँ, पहाड़ की संस्कृति और गंगा की संस्कृति को बेहतर रूप में परिभाषित करने का माध्यम है सिनेमा। सिनेमा के माध्यम से इसे पहाड़ पर रहने वाले लोगों की समस्याओं को भी अवगत कराया जा सकता है तथा देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने का माध्यम भी है। स्वामी जी ने प्रसून जोशी जी को प्रेरित किया कि उत्तराखण्ड के प्राकृतिक सौन्दर्य और समस्याओं पर भी लेखन करे तो हम और अधिक सैलानियों को आकर्षित कर सकते है।

प्रसून जोशी जी ने कहा कि मेरा शरीर मुम्बई में और आत्मा उत्तराखण्ड में ही होती है। स्वामी जी महाराज द्वारा स्वच्छता, वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में किये जा रहे कार्य अद्भुत और अनुकरणीय है। आज पूज्य स्वामी जी महाराज के सान्निध्य में गंगा आरती कर दिव्यता का अनुभव हुआ यह पल मेरे जीवन के अविस्मर्णीय पल है।
आज स्वामी चिदानन्द सरस्वती से कोलकत्ता से आये डाॅ दिव्यान्दु मजुमदार, डेन्टल काउन्सलिंग आॅफ इन्डिया, सांसद श्री पी के पटसानी, सांसद श्री एस बी गायकवाड़, डीआरएम मुरादाबाद, सीमा डेन्टल काॅलेज के डीन डाॅ हिमान्शु एरन ने मुलाकात की। स्वामी चिदानंद ने सांसद महोदय से अनेक तात्कालिक समस्याओं पर चर्चा की।
परमार्थ निकेतन कि दिव्य गंगा आरती में श्री प्रसून जोशी, डाॅ दिव्यान्दु मजुमदार, डेन्टल काउन्सलिंग आॅफ इन्डिया, सांसद श्री पी के पटसानी, सांसद श्री एस बी गायकवाड़, डीआरएम मुरादाबाद, सीमा डेन्टल काॅलेज के डीन डाॅ हिमान्शु एरन ने भाग लिया लिया। सभी अतिथियोने मे स्वामी जी के साथ वाटर ब्लेसिंग सेरेमनी सम्पन्न की। स्वामी चिदानंद ने सभी विशिष्ट अतिथियों को शिवत्व का प्रतीक रूद्राक्ष का पौधा भेंट किया।

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