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शुरू हो गया श्रावण मास का शुक्ल पक्ष। इस पखवाड़े में ऐसे करें शिव की पूजा, तो बरसेगा धन अपार और मिल जाएगा हर कष्टों से छुटकारा।

श्रावण मास की शनि अमावस्या भी है इस बार खास

हरिद्वार,

आज से शुरू हो रहा है श्रावण मास का शुक्ल पक्ष, यानी भगवान शिव की कृपा पाने का सबसे उत्तम पखवाड़ा। श्रावण मास के इस पखवाड़े में शिव की पूजा देगी मनचाहा फल। वैसे तो पूरे सावन मास में शिव की पूजा मनचाही मुराद पूरी करने वाली होती है, ज्योतिषाचार्य डॉक्टर प्रतीक मिश्रपुरी बताते है कि सावन मास के शुक्ल पक्ष का पखवाड़ा सबसे खास होता है। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष के पखवाड़े की शुरुआत होती है अमावस्या से और इस बार श्रावण मास का पखवाड़ा इस लिए और भी ज्यादा खास हो रहा है क्योंकि पखवाड़े की शुरुआत शनिवार से हो रही है। शनिवार की अमावस्या को बहुत शुभ माना जाता है। मान्यता है शनि अमावस्या पर पितृ व अन्य कर्मकांड करने के लिए सबसे शुभ मौका है।
शनि अमावस्या को पितरों की आत्मा की शांति के लिए की गईं पूजा जीवन मे आई हर तरह के कष्टों के छुटकारा दिला देती है। श्रावण मास की अमावस्या को वैसे तो हरियाली अमावस्या, और श्रावणी अमावस्या कहते है मगर शनिवार को पढ़ाने की वजह से यह श्रावणी अमावस्या कहलाती है। इस अमावस्या पितरों के निमित्त हवन पूजन, श्राद्ध तर्पण, दान आदि करने चाहिए।

श्रावण मास की शुरुआत का मुहूर्त किस वक्त से है–

10 अगस्त से शुरू हो गया है श्रावण मास का शुक्ल पक्ष। इसकी शुरुआत होगी अमावस्या से।
 डॉक्टर प्रतीक मिश्रपुरी का कहना है कि वैसे तो 10 अगस्त 2018 से श्रावण शुक्ल पक्ष की अमावस्या शाम 7 बजकर 08 मिनट से लग चुकी है जो 11 अगस्त को दोपहर 3 बजकर 27 मिनट तक रहेगी। 11 अगस्त को कर ले ये काम तो आपकी हर मनोकामना पूरी होगी।
1-पीपल को जल अर्पण कर उसकी पूजा करे और पीपल की 11 परिक्रमा करें।
2- पीपल की पूजा में मालपुए का भोग लगाएं।
3- चींटियों को चीनी और आटा डाले और मछलियों को चीनी मिले आटे की गोलियां खिलाये।
4- हनुमान चालीसा का पाठ करे और हनुमान जी को चमेली के तेल मिला सिंदूर चढ़ाए।
6- अमावस्या को घर के ईशान कोण में घी का दीपक जलाएं और पूजा की थाली में ॐ और स्वस्तिक बनाकर महालक्ष्मी यंत्र स्थापित कर शिव की पूजा करे और खीर का भोग लगाई। आप पर लक्ष्मी बरसेगी अपार और दूर होगी दरिद्रता।
ये तो थे शनि अमावस्या पर किये जाने वाले कुछ खास उपाय।
 अब आपको प्रतीक मिश्रपुरी बता रहे है श्रावण मास के पखवाड़े में किस राशि वाले किस तरह से करे शिव की पूजा। मिश्रपुरी का कहना है कि हमारे भारतीय ज्योतिष में नक्षत्रों का सबसे महत्वपूर्ण स्थान है और यदि कोई भी पूजा नक्षत्रों के हिसाब से की जाए तो उसका फल कई हजार गुना ज्यादा मिलता है।
11 अगस्त को अमावस्या है और बुध का नक्षत्र अश्लेषा है। इस दिन यदि 108 बेल पत्र कन्या और मिथुन राशि के जातक भगवान शिव पर अर्पित करे तो हर मनोकामना पूरी होगी।
12 अगस्त को रविवार है और प्रतिपदा है। केतु का नक्षत्र मघा है। इस दिन गिलोय से भगवान आशुतोष का अभिषेक किया जाए तो घुटनो का दर्द, कमर दर्द बिल्कुल ठीक हो जाता है।
13 अगस्त को सोमवार को द्वितीया है तथा शुक्र का नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी है। इस नक्षत्र में सिंह राशि वाले दही से शिव का अभिषेक करें तो संपत्ति की प्राप्ति होगी।
14 अगस्त मंगलवार को चतुर्थी तिथि के साथ सूर्य का नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी है। सिंह राशि वाले शहद से शिव का जलाभिषेक करे तो हर मनोकामना पूरी होंगी।
15 अगस्त बुधवार को पंचमी तिथि को है हस्त नक्षत्र। इस दिन कर्क राशि वाले कुंवारे युवक दूध से शिव का जलाभिषेक करें, उन्हें अति सुंदर पत्नी की प्राप्ति होगी।
16 अगस्त गुरुवार को षष्टी तिथि है और चित्रा नक्षत्र है। इस दिन मेष और वृश्चिक राशि वाले मीठा दूध भगवान शिव को अर्पित करें तो विद्या के साथ साथ धन की प्राप्ति होती है।
17 अगस्त शुक्रवार सप्तमी को स्वाति नक्षत्र है। इस दिन तिल से शिव का अभिषेक करने से हरेक राशि वाले वालो को पितृ दोष से मुक्ति मिलेगी।
18 अगस्त शनिवार अष्टमी को विशाखा नक्षत्र है। इस दिन धनु और मीन राशि वाले राजनीतिक जातक भगवान शिव पर केसर और जायफल चढ़ाएं। इससे राजनीति में सफलता और बड़े पद की प्राप्ति होगी।
19 अगस्त रविवार को नवमी तिथि में अनुराधा नक्षत्र है। इस दिन मकर और कुम्भ राशि वाले जातक गंगाजल शिव पर चढ़ाएं जिससे उन्हें अपार धन की प्राप्ति होगी।
20 अगस्त को श्रावण मास का अंतिम सोमवार है। इस दिन होगी दशमी तिथि तथा ज्येष्ठा नक्षत्र है। इस दिन प्रत्येक राशि वाले पंचामृत से भगवान आशुतोष का अभिषेक करें अपार धन और प्रतिष्ठा की प्राप्ति होगी।
21 अगस्त मंगलवार को मूल नक्षत्र है और इस दिन भगवान शिव की पूजा और अभिषेक व्यक्ति को राजा बना देता है।
22 अगस्त बुधवार को एकादशी है और पूर्वा षाढ़ा नक्षत्र है। इस दिन शिवलिंग पर चंदन का लेप करने से चर्म रोग  से मुक्ति मिलती है।
23 अगस्त द्वादशी और गुरुवार को उत्तराषाढ़ा नक्षत्र है। इस दिन यश प्राप्ति के लिए सभी राशि वाले गन्ने के रास से शिव का जलाभिषेक करे। धन संपत्ति की प्राप्ति होगी।
24 अगस्त त्रयोदशी को भी प्रत्येक राशि वालो के लिए भी 23 अगस्त वाला ही उपाय करें यश और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।
25 अगस्त को श्रवण नक्षत्र में चतुर्दशी है और इस दिन शिव का दूध से अभिषेक करने से संतान की प्राप्ति होगी।
26 अगस्त श्रावण मास के अंतिम दिन है। इस दिन गंगा स्नान, तर्पण करने , पितरों को जल अर्पित करने तथा नया यग्योपवित यानी जनेऊ  धारण करने से पितृ तृप्त होंगे और सभी कष्टों से मिल जाएगा छुटकारा।
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