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कांवड़ यात्रा में उत्तराखण्ड में डीजे बजाने को लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन में एक राय नही। सीएम कहें डीजे बजेगा, मगर पुलिस की डीजे को ना।आखिर किसकी सुने शिव भक्त ?

हरिद्वार,
दुनिया की सबसे बड़ी धार्मिक, आध्यात्मिक कांवड़ यात्रा 28 जुलाई से शुरू हो रही है। करीब 14 दिन तक चलने वाली इस यात्रा में करोड़ो शिव भक्त कांवड़िए हरिद्वार आएंगे और यंहा से गंगा जल लेकर सैकड़ो किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा कर अपने अपने गंतव्यों तक पंहुच कर गंगा जल से शिव का जलाभिषेक करेंगे। सैकड़ो किलोमीटर की पैदल यात्रा में कांवड़िए नाचते गाते, शिव की भक्ति में झूमते हुए चलते है। कांवड़िए खूबसूरत झांकियों वाली कांवड़ लाते है जिन्हें देखने के लिए सड़कों के दोनों और लोगो की भारी भीड़ जमा होती है। इन झांकियों में शिव पार्वती, व अन्य देवी देवताओं की प्रतिमाओं के अलावा कलाकार शिव पार्वती के रूप में झांकियों लेकर आते है और शिव पार्वती बने कलाकार अपने नृत्य से लोगो का मन मोह लेते है। मगर उत्तराखंड में शिव भक्तों की आस्था पर बंदिश लग गई है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि उत्तराखंड में कांवड़िए नाचने गाते हुए जाए मगर वह इस दौरान डीजे का प्रयोग नही कर सकेंगे। पुलिस प्रशासन ने इस साल भी डीजे बजाने और 10 फिट से ऊंची कांवड़ लाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। अगर कांवड़िए डीजे बजायेंगे या फिर दस फिट से ऊंची कांवड़ लाएंगे तो शिव भक्तों से पुलिस डंडे के जोर पर निपटेगी और साथ ही चालान भी करेगी। 
अब पुलिस प्रशासन ने डीजे और ऊंची कांवड़ पर प्रतिबंध लगा दिया है जबकि उत्तराखंड सरकार के मुखिया त्रिवेंद्र सिंह रावत इससे इनकार कर रहे है। मुख्यमंत्री कह रहे है कि कांवड़िए डीजे बजा सकते है मगर ज्यादा तेज आवाज में नही, नियंत्रित आवाज में बजाइये। जबकि इसके उलट अपर पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार का कुछ और ही कहना है। उनका कहना है कि कांवड़ में ना तो डीजे बज सकेगा और ना ही 10 फिट से ऊंची कांवड़ लाने की इजाजत होगी। 
 
28 जुलाई से शुरू होने जा रही ऐतिहासिक कावड़ यात्रा की तैयारियों का आज सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हरिद्वार में जायजा लिया। इस दौरान सीसीआर में आयोजित बैठक में CM ने तमाम अधिकारियों से कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।
अपने एक दिवसीय दौरे पर हरिद्वार आए सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा की कावड़ में DJ बजेगा लेकिन नियंत्रण में बजेगा। उन्होंने कहा इस संबंध में कांवड़ियों से भी अनुरोध किया जाएगा कि वह नियंत्रण में रहकर DJ बजाएं।
कावड़ की तैयारियों को लेकर CM संतुष्ट नजर आए उन्होंने कहा कि अधिकतर कार्य पूर्ण हो चुके हैं और जो बाकी बचे कार्य हैं वह 25 तारीख तक पूरे हो जाएंगे उन्होंने कहा कि कांवड़ मेले को लेकर यूपी और अन्य स्टेट के अधिकारियों से भी बैठक की जा चुकी है। जाम से निपटने के लिए CM ने कहा कि उनके पास कई अन्य विकल्प है जिनका प्रयोग किया जाएगा।
इसी बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने डीजे पर प्रतिबंध की बात से इनकार किया मगर बैठक के बाद ही पत्रकारों से बात करते हुए अपर पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि कांवड़ मेले में किसी तरह का हुड़दंग ना हो इसके लिए विगत वर्षों में जो प्लान चलता आया है, वही चलेगा। उंन्होने साफ कहा कि कांवड़ में डीजे बजाने की इजाजत नही होगी।
कांवड़ यात्रा में डीजे को लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन में ही एक राय नही है। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक भी कह चुके है कि कांवड़ में डीजे पर सरकार की और से कोई प्रतिबंध नही है। जब सरकार डीजे पर प्रतिबंध से इनकार कर रही है तो फिर पुलिस प्रशासन डीजे पर प्रतिबंध की बात बार बार क्यों कर रहा है, यह सवाल हिंदूवादी संगठन उठा रहे है। हिंदूवादी संगठनों का कहना है कि जब उत्तरप्रदेश की सरकार ने डीजे पर प्रतिबंध नही लगाया है तो फिर उत्तराखंड में शिव भक्तों के साथ यह रवैया क्यों अपनाया जा रहा है। 
बहरहाल कांवड़ यात्रा शुरू होने में 5 दिन बचे है। कांवड़ यात्रा शुरू होने के बाद ही पता लगेगा कि कांवड़ में डीजे को लेकर उत्तराखंड सरकार के आदेश लागू होंगे या फिर मुख्यमंत्री, शहरी विकास मंत्री के आदेशों को दरकिनार रखते हुए पुलिस प्रशासन डीजे बजाने पर पाबंदी को सख्ती से लागू करता है। 
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